World organ donation day special

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सूरत : अंग दान से किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य का काम है. कपडे और हीरा व्यापार में आगे रहने वाला सूरत अंगदान के मामले में भी देश में अव्वल है. यहां से दान हुए अंगों से अब तक 497 लोगाें को नया जीवन मिल चुका है. इस उपलब्धि की सूची में पुणे दूसरे व मुंबई जोन तीसरे तथा इंदौर चौथे स्थान पर है. ख़ास बात यह है कि सूरत में ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है, फिर भी सिरमौर बना हुआ है.

उल्लेखनीय है कि देश की अन्य अंगदान समितियों की भांति  सूरत अंगदान क्षेत्र में कोई अन्य शहर शामिल नहीं है. फिर भी यहां से सर्वाधिक अंगदान हुए हैं. देश में करीब 20 लाख लोगों की किडनी फेल होने का आंकड़ा बेहद डरावना हैं. वहीं हर साल दो से ढाई लाख लोगों की मौत अंग न मिलने के कारण हो रही है. यही हाल हृदय, नेत्र, पेनक्रियाज और लीवर का है. हर साल अंग न मिलने के कारण पांच लाख लोगों की मौत हो रही है.

बता दें कि अंगदान के मामले में सूरत ने अब तक 125 किडनी, 85 लीवर, 6 पेनक्रियाज, 12 हृदय और 182 नेत्र दिए हैं, जिससे 497 लोगों को नया जीवन मिला है.प्रदेश में किडनी दान की बात करें तो 2013 से 2017 तक सूरत से 137, अहमदाबाद से 56, राजकोट से 44, भावनगर से 43, वड़ोदरा और कच्छ से 2-2 किडनी दान चुकी हैं.सूरत में रोजाना चार से पांच लोग विभिन्न कारणों से ब्रेनडेड हो जाते हैं.यदि सभी अंगदान करें तो लगभग 45 लोगों को नया जीवन व अंग मिल सकते हैं.अंगदान संस्था नोटो नई दिल्ली के प्रमुख डॉ. बिमल भंडारी के अनुसार सूरत में अंगदान की जागरूकता अन्य शहरों से ज्यादा होने से यह स्थिति निर्मित हुई हैं.

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