35 साल की हुई Maggi, जानिये कैसा रहा सफर

  (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({
    google_ad_client: “ca-pub-9844829140563964”,
    enable_page_level_ads: true
  });

Maggi ने 1983 में भारत में कदम रखा था. आज मैगी को भारत में आए 35 साल हो चुके हैं. उस वक्त कंपनी ने बड़ा दांव खेला था, क्योंकि उन्हें शक था कि भारत में ये प्रोडक्ट चले. लेकिन मैगी जैसे ही आई तो मार्केट में धमाल मचा दिया. सभी लोग इसे पसंद करने लगे. भारत में आने के कुछ सालों बाद ही मार्केट में मैगी की 75% हिस्सेदारी हो गई. यानी पूरी दुनिया में मैगी खाने वाले 100 में से 75 लोग सिर्फ भारत से ही थे. आइए जानते हैं मैगी कैसे घर-घर पहुंची, किसने इसकी खोज की.

खबर के मुताबिक, जूलियस माइकल जोहानस मैगी ने जब 1860 में फूड प्रोडक्ट शुरू किया था तो उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उनका ये ब्रांड दुनिया में नाम कमाएगा. भारत में गांव से लेकर शहरों तक सभी मैगी के शौकीन हैं. भारत ही नहीं पूरी दुनिया में ये प्रोडक्ट पॉपुलर है. आइए जानते 2 मिनट मैगी की बनने की कहानी…

Maggi की खोज करने वाले जूलियस मैगी का जन्म 9 अक्टूबर 1846 में हुआ. पढ़ाई पूरी करने के बाद मैगी ने पिता के बिजनेस में हाथ आजमाया. 1869 में उन्होंने पिता की आंटे की मिल में काम शुरू किया. मिलिंग उद्योग में उस वक्त भारी गिरावट आई और उनका काम ठप हो गया. जिसके बाद मैगी ने कोई दूसरा बिजनेस करने का सोचा.

जिसके बाद उन्होंने फिजीशियन फ्रिडोलिन स्कूलर से हाथ मिलाया और दोनों ने 1884 में फलियों के आटे का काम शुरू किया. लेकिन वो बुरी तरह फेल हो गया.

  (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({
    google_ad_client: “ca-pub-9844829140563964”,
    enable_page_level_ads: true
  });

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*