जब उस लड़की को चढ़ गया सेक्स का नशा, आखिर क्यों नहीं बुझती है उसकी प्यास ?

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जब उस लड़की को चढ़ गया सेक्स का नशा,
आखिर क्यों नहीं बुझती है उसकी प्यास ?

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मल्लिका (परिवर्तित नाम) ने कन्फेस किया है कि वह सेक्स अडिक्टेड थी। उन्होंने कहा,’सेक्स की लत हो जाने पर जानते हैं सबसे खराब बात क्या होती है? लोग समझने लगते हैं कि आपके बहुत मजे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं होता। हां, शुरुआत में इसका मजा है भी, लेकिन जैसे ही यह लत बढ़ती जाती है, आप मुसीबत में पढ़ते जाते हैं। आपके ऊपर इमोशनल बर्डन पड़ने लगता है और ये आपके थका देता है और आप बस अपने आप को शांत रखना चाहते हैं।’

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22 साल की उम्र में मल्लिका का ब्रेकअप हो गया क्योंकि वह सेक्स की लत में पड़ गई थीं। वह एक दिन में कई बार सेक्स करती थी। लगभग हर समय पॉर्न देखा करती थी। समीरा अपने पास्ट के बारे में बताते हुए कहती है कि मैं जब 13 साल की थी, जब पहली बार मुझे ऑर्गेजम हुआ था। मुझे अब भी याद है कि इसके बाद मुझे कैसा महसूस हुआ था। अगर मैं याद करूं तो घर में अकेले रहने का मतलब जश्न होता था। कपड़े चेंज करते वक्त खुद को शीशे में देखने से मुझे बहुत शर्म आती थी। ऐसे में एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि मेरी जिंदगी बदल गई।

मेरा परिवार एक पुरानी सोच का कैथोलिक परिवार है और ऐसे में मास्टरबेटिंग के बारे में सोचना भी पाप था। लेकिन मैं अपने भाई की स्कूल की किताबों के बीचे से XXX विडियो की सीडी चुरा लाई। मैंने हर रोज मास्टरबेट करना शुरू कर दिया। फिर मैं एक ही दिन में कई बार करने लगी। ऑर्गेजम तक पहुंचना तो मेरे लिए खुद को इनाम देना जैसा था। मैं होमवर्क, असाइनमेंट या कोई भी काम खत्म करने के इनाम के तौर पर मास्टरबेट करती थी। मुझे ऐसा करने मे मजा आता था।

19 साल की उम्र में मैंने अपना पहला बॉयफ्रेड बनाया और मैंने शुरिआत में अपने अडिक्शन के बारे में कुछ नहीं बताया। मैंने अपनी वर्जिनिटी खोई और ये अनुभव उससे भी ज्यादा खराब था जितना मैंने सोचा था। बाद में यह बहुत अच्छा लगने लगा। बाद-बाद में तो उससे मिलने का कारण ही सेक्स बन गया। 3 घंटे के मिलने के समय में हम 6 बार सेक्स कर सकते थे। वह भी पहले इससे खुश था लेकिन बाद में चिढ़ने लगा। वह समझने लगा कि मैं कोई सेक्स की चाहत रखने वाली मशीन हूं जो कि कभी नहीं रुकेगी। शायद वह ठीक थी। एक चीज वह अब भी नहीं जानता था कि मैं उसके साथ सेक्स करने के बावजूद पॉर्न भी देखा करती थी। पहले से कम लेकिन फिक भी कई बार। तीन साल तक हमारी रिलेशनशिप चली और हमारे रिश्ते दिनोंदिन खराब होते चले गए।

मैं तीन डेटिंग ऐप डाउनलोड कर ली थीं और मैं अब हर दिन अलग लड़के से मिलती थी। मैं पोस्टग्रैजुएशन की पढ़ाई के लिए दूसरे शहर में लहने लगी थी। मैं हर दिन डेटिंग करती थी, कभी-कभी तो दिन में दो डेट भी। ये वह समय था जब मैं अपनी सेक्शुअल क्रेविंग्स के बारे में अपने दोस्तों से खुलकर बात करने लगी थी। इसके साथ ही मैं पॉर्न भी देखती थी।
मैं अब अपने साथ सोए लोगों की गिनती भी भूलने लगी थी। 2015 में मैं प्रेग्नेंट हुई और मैं ये भी नहीं जानती थी कि ये किसका बच्चा है। मुझे पेशाब करते वक्त बहुत जलन होती थी। अब मैंने ये सुनिश्चित करना शुरू कर दिया था कि कॉन्डॉम तो स्लिप नहीं कर रहा। 2016 में मैं फिर से प्रेग्नेंट थी। तब मैं समझ चुकी थी कि अब मुझे अपने आप को रोकना होगा। इस तरह अब और नहीं चल सकता। मैं मनोवैज्ञानिकों से मिली और उन्हें अपनी लत के बारे में बताया। मैंने कई तरह की थेरेपी कीं।

अगर अब आप पूछें तो मैंने तब से अब तक किसी को डेट नहीं किया और सेक्स भी नहीं किया। मैं अब भी पॉर्न देखती हूं पर ये संख्या आब बहुत कम हो गई है। अगर आप पूछें कि क्या मैं अभी सेक्स करना चाहती हूं तो, शायद हां मैं चाहती हूं पर क्या मैं इसे लकल या दो दिन या 10 दिनों बाद करती हूं तो इसका जवाब भी हां ही है। मुझे अब आजादी महसूस होती है।

 disclaimer *this story is picked from asbtoday

 

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