आसान नही डेंगू से जंग..

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दिल्ली और आसपास के इलाकों में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ख़ास तौर पर बच्चे इसका शिकार हो रहे हैं. आइए, इसके इस जानलेवा बीमारी के लक्षणों और इलाज पर एक नज़र डालें
डेंगू क्या है?

यह बीमारी ऐडीज़ मच्छर के काटने से होती है. यह मच्छर दिन में काटता है और उसके कुछ वक्‍़त बाद ही डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं
क्या हैं लक्षण?


तेज़ बुखार, सिर में दर्द, मांसपेशी और जोड़ों में तेज़ दर्द, चकत्ते पड़ना, मसूड़ों से ख़ून का रिसाव, पेट में दर्द उठना, नींद ना आना और उल्टी आना इसके लक्षण हैं

शरीर के अंदर अटैक –

मानव शरीर में दाखिल होने के बाद ऐडीज़ से पहुंचने वाला अर्बोवायरस तेज़ी से बढ़ता है और ब्लड वेसल में दाखिल हो जाता है. ये वेसल सूज़ने लगते हैं और फिर लीक होते हैं. लिवर के टिश्यू दम तोड़ने लगते हैं. इसकी वजह से प्लेटलेट तेज़ी से खर्च होने लगते हैं

आखिर क्यों गिरते प्लेटलेट?


प्लेटलेट शरीर में ख़ून के रिसाव को रोकते हैं. इंसानी शरीर में आम तौर पर इनकी तादाद 1.5 से 4 लाख तक होती है. लेकिन डेंगू होने पर यह घटकर 10,000 तक रह जाते हैं, जिससे ख़ून का रिसाव होने और मौत होने का ख़तरा बढ़ जाता है. ऐसे मामलों में मरीज़ को प्लेटलेट चढ़ाने की ज़रूरत पड़ती है

 

कई मामले पता नहीं चले- जर्नल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसन एंड हाइजीन ने साल 2009 से 2012 के बीच एक रिसर्च की, जिसके मुताबिक डेंगू के सभी मामले पता नहीं चल रहे

> 58 लाख भारतीय हर साल डेंगू से पीड़ित होते हैं

> 1.1 अरब डॉलर खर्च आता है हर साल इससे लड़ने पर

क्या है इसके इलाज और बचाव
अब तक डेंगू से‌ निजात के लिए कोई टीका विकसित नहीं हो पाया है. मरीज़ को बहुत सारा तरल लेना होता है और मच्छरों से बचाव की हिदायत दी जाती है. बुखार की दवा से धीरे-धीरे हालात काबू पाते हैं. इसके अलावा आयुर्वेद में पपीते के पत्ते और गिलॉय से भी फायदा होने की बात कही जा रही है.

 

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