छापेमारी की पूरी जानकारी रहेगी ऑनलाइन ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ वेबसाइट लॉन्च

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ये है न्यूज़ ऑफ माय इंडिया…

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए नया मुहीम शुरू किया है। सरकार अब छापेमारी के सारे रिकॉर्ड को वेबसाइट पर डालेगी। साथ ही डिफॉल्टर्स को हाई रिस्क से वेरी लो रिस्क कैटिगरी में डिवाइड करके इस वेबसाइट पर उनकी लिस्ट भी डाली जाएगी। इसके लिए मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऑपरेशन क्लीन मनी वेबसाइट लॉन्च किया। इस दौरान अरूण जेटली ने कहा कि अब देश में टैक्स चोरी करने वाले सुरक्षित नहीं हैं। कई लोगों के लिए अब हिसाब-किताब करने का वक्त आ गया है। सरकार ईमानदार टैक्स पेयर्स को राहत देना चाहती है और यह उसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल से ईमानदार करदाताओं को फायदा होगा।

वेबसाइट लॉन्च के अवसर पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग टैक्स चोरी की आदत छोड़कर टैक्स भरने की आदत डालें। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग में 22 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सीबीडीटी के प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के बाद 17.92 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया गया है जिनके पास जमा कराई गई नकदी का हिसाब किताब नहीं है। इसके अलावा कर विभाग ने एक लाख संदिग्ध कर चोरी के मामलों का पता लगाया है।

इनकम टैक्स विभाग रेड्स की रिपोर्ट इस वेबसाइट पर डालेगा। साथ ही टैक्स डिफॉल्टर्स की पहचान करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी इस वेबसाइट पर दी जाएगी। डिफॉल्टर्स के खिलाफ हाई रिस्क, मीडियम रिस्क, लो रिस्क और वेरी लो रिस्क जैसी कैटिगरीज के तहत अलग-अलग ऐक्शन लिये जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक हाई रिस्क कैटिगरी में आने वाले लोगों और समूहों को तलाशी, जब्ती और सीधी जांच जैसी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।

चंद्रा ने कहा कि 17.92 लाख लोगों द्वारा जमा कराई गई नकदी या नकद लेनदेन उनकी आयकर में दिखाए गए आमदनी से मेल नहीं खाता है। इनमें से 9.72 लाख लोगों ने आयकर विभाग की ओर से भेजे गए एसएमएस और ई-मेल का जवाब दिया है। चंद्रा ने कहा कि, कर विभाग छापेमारी की खबरों को वेबसाइट पर डालेगा। वेबसाइट उस प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी देगी जिसके चलते टैक्स डिफॉल्टर की पहचान की गई थी।

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