चीन- अमेरिका की लड़ाई , फायदा मिल रहा हिन्दुस्तान को

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नई दिल्ली। अमेरिका और चीन दो ऐसे शक्तिशाली देश हैं जो गाहे-बगाहे आपस में भिड़ जाते हैं। चाहे वह सामरिक लड़ाई हो या फिर व्यापारिक। दोनों देशों की आपसी तकरार जग जाहिर है। दोनों वर्ल्ड पावर बनने की होड़ में है और इसी वजह से दोनों में ठनी हुई है।

दूसरी तरफ चीन की लगातार यही कोशिश है कि अमेरिका को किसी भी तरह नीचा दिखाया जाए। चीन और अमेरिका के बीच इस व्यापारिक और सामरिक द्वन्द का भारत को भारी फायदा मिल रहा है।

सामरिक लड़ाई की वजह से एक तरफ कई मायनों में जहां भारत के संबंध चीन के साथ सुधर रहे हैं और विश्व पटल पर वर्ल्ड पावर की एक नई परिभाषा तय होती दिख रही है।

वहीं अमेरिका के साथ व्यापारिक लड़ाई की वजह से चीन भारतीय प्रोडक्ट्स पर लगातार आयात शुल्क घटा रहा है । इसका ताजा उदाहरण चीन ने सोमवार को कैंसर रोधी ड्रग्स समेत भारत की तमाम दवाओं पर आयात शुल्क घटा दिया है। यह भारत के लिए बड़ी कामयाबी है, क्योंकि वह लंबे समय से चीन से औषधि और आईटी सेक्टर के दरवाजे खोलने की मांग करता रहा है।

चीन अब तक 8500 भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क कम कर चुका है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका से व्यापार युद्ध तेज होने के साथ भारत और अन्य देशों के उत्पादों पर आयात शुल्क में और कटौती की जा सकती है।

चीन में हर साल करीब 45 लाख से अधिक लोग कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं। भारतीय दवाओं विशेषकर कैंसर की दवाओं की चीन में बड़ी मांग हैं क्योंकि ये बहुत सस्ती हैं।

लेकिन अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चीन कैंसर की दवाओं को बेचने के लिये क्या भारतीय कंपनियों को लाइसेंस देगा ?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ-चुनयिंग ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़े ही भावुक अंदाज़ में कैंसर के मरीज और एक डॉक्टर की कहानी पर बनी मशहूर फिल्म “डाइंग टू सर्वाइव”का ज़िक्र किया। जिसमे ज़िंदगी और मौत से जूझता वो किरदार भारत से सस्ती जेनरिक कैंसररोधी दवा मंगाता हैं।

उन्होंने कहा कि एशियन ट्रेड अग्रीमेंट के तहत चीन पहले ही भारतीय उत्पादों पर शुल्क 33 फीसदी घटा चुका है। चुनयिंग ने कहा कि भविष्य में अन्य भारतीय उत्पादों पर शुल्क में कमी पर बात भी चल रही है।
चीन ने भारत के साथ कपास निर्यात को भी बढ़ावा दिया है। चीन ने अपने जारी किए गए स्टेटमेंट में भारत से
कपास के पांच लाख गांठों का आयात करने का ज़िक्र किया है।

गौरतलब है कि चीन ने पिछले माह ही भारत के कई उत्पादों जैसे रसायन, कृषि उत्पादों, मेडिकल उपकरणों, कपड़ों, स्टील-एल्युमिनियम पर भी शुल्क घटाया था।

बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में अनौपचारिक मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में गर्मजोशी आई है।

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