बहादुरी को सलाम! जब अकेली लक्ष्मी ने दो बदमाशों से लिया था लोहा…

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रायपुर, छत्तीसगढ़ की पतली-दुबली सी 16 वर्षीय लक्ष्मी यादव बेशक दिखने में कमजोर सी लगती हो, लेकिन उसकी हिम्मत के आगे एक नहीं, बल्कि दो-दो बदमाश भी हार गए थे. तीन बदमाशों से घिरे होने के बाद भी लक्ष्मी अपनी सूझबूझ से खुद को बचाने के साथ ही उन बदमाशों को पकड़वाने में भी कामयाब हुई थी. और खास बात लक्ष्मी ने जब बदमाशों की छुट्टी की थी, तब वह खुद काफी बीमार थी और कई महीने से उसकी दवाई चल रही थी

2 अगस्त 2016 को उस वक्त मैं अपने दोस्त के साथ बातचीत कर रही थी. इसी दौरान कुछ लोग आए और हमारे साथ बदतमीजी करने लगे. गाली-गलौज की और मेरे दोस्त के साथ मारपीट की. इतना ही नहीं मुझे बाइक पर बिठाकर सुनसान एरिया की ओर ले गए. मेरे साथ जबरदस्ती करने लगे. मैं चीखी-चिल्लाई लेकिन उस वक्त वहां कोई सुनने वाला नहीं था.

मैं यहां-वहां दौड़ रही थी, लेकिन उनकी पकड़ से दूर नहीं हो पा रही थी. तभी मैंने देखा कि उनकी बाइक की चाबी बाइक में ही लगी हुई थी. मौका देखकर मैंने चाबी को निकालकर फेंक दिया. उसके बाद मैं उन बदमाशों से उलझ गईं. दोनों को धक्का देकर वहां से भाग निकली. वहां से भागते हुए मैं सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचीं. जहां से मैं पुलिस के साथ दोबारा से उसी जगह पर आई. इस दौरान वो दोनों लड़के वहीं पर रहे और मौके से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

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